Tata Air India : 68 सालों बाद टाटा की हुई एयर इंडिया

Uk Tak News

Tata Air India : एयर इंडिया अब आधिकारिक तौर पर एक बार फिर टाटा ग्रुप की हो गयी है। जिसकी घोषणा दीपम सचिव तुहीन कांता पांडे ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कर दी है। एयर इंडिया को टाटा संस के पास वापस आने में 68 साल लगे। पिछले 14 सालों में सरकार इससे 60 करोड़ का नुकसान झेल चुकी है। सरकार इसे 3 सालों से  बेचने पर विचार कर रही थी। जिसके लिए फाइनांशियल बिट्स मनवाई थी। जिससे इसे प्राइवेट करने का लक्ष्य रखा गया था।

Tata Air India :

Tata Air India

दो कंपनियों ने लगाई बोली :

Tata Air India : टाटा ने एयर इंडिया के लिए सबसे ज्यादा बोली लगाई, यानी 18 करोड़ की बोली लगाकर टाटा ने बिड जीता है। इस बिडिंग की दौड़ में spice jet ke अजय सिंह consortium भी शामिल था। जिसने 15,100 करोड़ के बोली लगाई थी, लेकिन टाटा संस ने 18 करोड़ की बोली लगाकर एयर इंडिया पर अपना मालिकाना हक ले लिया। वहीं रतन टाटा ने इस पर खुशी जताते हुए ट्वीट करके लिखा है कि वेलकम बैक एयर इंडिया।

ऐसे मिला संस को एयर इंडिया :  

Tata Air India : अब एयर इंडिया और इसके दूसरे वेंचर एयर पर टाटा की 100% हिस्सेदारी रहेगी। जिसके लिए सरकार को 2,700 करोड़ रुपए देने होंगें। टाटा ग्रुप को 4,400 घरेलू हवाई अड्डों और 1,800 अंतरराष्ट्रीय लैंडिंग का कंट्रोल मिलेगा साथ ही एयर इंडिया की सस्ती एविएशन सर्विस एयर इंडिया एक्सप्रेस का भी सौ प्रतिशत कंट्रोल मिलेगा।

Tata Air India

 इतने घाटे में एयर इंडिया : 

Tata Air India : एयर इंडिया पर 38366.39 करोड़ रुपए का कर्ज है। साल 2007 में इंडियन एयरलाइन के साथ मर्ज होने के बाद लगातार कंपनी loss में चल रही है। हालांकि सरकार ने इसे मुनाफे में लाने की बहुत कोशिश की लेकिन इससे करोड़ो का घाटा ही हाथ लगा। ज्यादातर एयरलाइन्स के घाटे में रहने की वजह तेल की कीमतें होती हैं। भारत में एयरलाइन्स कंपनियों के 40% रुपए इसमें ही खर्च हो जाते हैं।

वहीं देश में हवाई यात्रा की कम कीमतों और कंपनीयों के बीच रहे कंपडीशन भी घाटे में जाने की वजह रहा है। लगातार कर्ज होने से भारत सरकार की कैबिनेट ने इसे 2017 में इसके निजीकरण की मंजूरी दे दी थी। इसे बेचने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन सरकार इसमें असफल रही। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह ने संसद में बताया था कि अगर एयर इंडिया बिकती नहीं है, तो इसे बंद करना ही एकमात्र उपाय बचा है।

एयर इंडिया का इतिहास :
Tata Air India : एयर इंडिया शुरुआत 1932 में टाटा ग्रुप ने Air lines के तौर पर की थी। उस समय ग्रुप हेड JRD टाटा ने इसकी स्थापना की थी।जो खुद भी एक बेहतरीन पायलट थे। भारत में पायलट का लाइसेंस पाने वाले भारतीय JRD टाटा है थे। उस समय इसका नाम टाटा एयरलाइन्स हुआ करता था। जब दूसरे विश्व युद्ध के समय सभी विमान सेवाएं रद्द थी।

फिर युध्द के बाद जब हवाई सेवाएं बहाल हुई तब इंडिया में हवाई सेवा के शूरू होने के साथ ही 1946 को टाटा एयरलाइन्स को एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी बना दिया गया था औऱ इसका नाम पब्लिक एयर इंडिया लिमिटेड रखा गया। एक साल बाद जब हमारा देश 1947 में अंग्रेजों की गुलामी से आज़ाद हुआ तो देश को राष्ट्रीय एयर लाइन्स की भी जरूरत थी। फिर भारत सरकार की एयर इंडिया में 49% भागीदारी रही। समय के साथ सरकार ने 1953 में एयर कॉर्पोरेटन एक्ट पास किया और टाटा ग्रुप से इसे खरीद कर एक सरकारी कंपनी बना दिया। बता दें 1962 में एयर इंडिया दुनिया की पहली जेट एयर लाइन बन गई थी।

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