आपदा ने बढ़ा दी छात्रों के स्कूल-कालेज की दूरी
देहरादून में आपदाग्रस्त क्षेत्रों में स्कूल कालेज जाने वाले छात्र-छात्राओं के सामने पढ़ाई और परीक्षा को लेकर परेशानी बढ़ रही है।
जिन जगहों पर सड़क मार्ग बह गया वहां लंबी दूरी तय कर किसी तरह स्कूल व कालेज पहुंच रहे हैं। जबकि कई क्षेत्रों में अभिभावक और छात्र मार्ग दुरुस्त होने के इंतजार में हैं। अधिकांश निजी स्कूलों में पेपर चल रहे हैं जिससे छात्रों के साथ ही उनके अभिभावकों की भी चिंता बढ़ने लगी है।
नंदा की चौक क्षेत्र और आगे सेलाकुई तक यूपीईएस, महिला पालीटेक्निक, डब्यूआइटी, ग्राफिक एरा मेडिकल कालेज, तुलाज इंटीट्यूट, दून इंटरनेशनल रिवरसाइड कैंपस, द टोंसब्रिज स्कूल समेत तकरीबन 20 से अधिक स्कूल और कालेज हैं। लेकिन प्रेमनगर से आगे मुख्य पुल टूटने के कारण यहां से आगे छात्र-छात्राएं नहीं जा पा रहे हैं
मालदेवता के बाहर स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे
देहरादून: देहरादून से मालदेवता के बीच मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण मालदेवता से ऊपर बसे सेरकी, सरखेत, पीपीसीएल, छमरौली, फुलेत, भैंसवाड़-सैंण आदि गांव के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। हालांकि जो बच्चे मालदेवता स्थित स्कूल में पढ़ते हैं, वह तो जा रहे हैं। लेकिन रायपुर और देहरादून में पढ़ने वाले बच्चे मार्ग के अभाव नहीं जा रहे हैं। हालांकि केसरवाला-मालदेवता मार्ग का निर्माण लगभग पूर्ण हो गया है। उम्मीद है कि शनिवार से बच्चे स्कूलों को जा सकेंगे।

