अभी तक न तो शपथ ग्रहण हुआ है और न ही चार्ज मिला
सूबे में त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव के सम्पन्न होने के बाद जहां छेत्र पंचायत से लेकर जिला पंचायत सदस्यों ओर अध्यक्षों का शपथ ग्रहण समारोह होने के बाद चार्ज भी मिल चुका है वहीं दूसरी ओर चमोली जनपद के सीमांत विकास खंड ज्योतिर्मठ क्षेत्रांतर्गत 51 प्रधान गणों का अभी तक न तो शपथ ग्रहण हुआ है और न ही चार्ज मिला है लिहाजा विकास खंड में ग्राम पंचायत से लेकर तमाम तरह के प्रमाण पत्र बनाने का कार्य ओर छेत्र में विकास कार्य प्रभावित हो रहा है, सीमांत की जनता परेशान है,प्रखंड के सभी 51 नव निर्वाचित प्रधान गणों ने शासन प्रशासन द्वारा उनके शपथ ग्रहण और चार्ज के प्रति बरती जा रही लापरवाही और देरी को लेकर नाराजगी जताते हुए आज एकजुट होकर तहसील ज्योतिर्मठ पहुंच कर उप जिलाधिकारी ज्योतिर्मठ के माध्यम से डीएम चमोली सहित सीएम उत्तराखंड, पंचायत राज्य मंत्री,ओर निर्वाचन आयोग उत्तराखंड को प्रेषित ज्ञापन में मांग की गई है कि जल्द सभी प्रधान गणों को शपथ के साथ चार्ज नहीं दिया गया तो समस्त जन प्रतिनिधि सड़कों पर उतर कर जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी, लामबगड़ ग्राम पंचायत प्रधान मीना देवी,ढाक के ग्राम प्रधान मोहन बजवाल,बलवंत सिंह ग्राम प्रधान भल्ला गांव सूकी, बड़गांव ग्राम प्रधान बीना देवी ने कहा है कि विकास खंड ज्योतिर्मठ में चुनाव हुए दो माह होने वाले है लेकिन यहां सिर्फ 7प्रधानों को ही शपथ दिलाई गई है, प्रखंड के बाकी 51 प्रधान गणों को आजतक शपथ नहीं दिलाई गई है, वहीं चार्ज तो किसी को भी नहीं मिला है अबतक, ऐसे में ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीणों को प्रमाण पत्र पर मुहर लगाने से लेकर अन्य विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बड़ी बात ये कि सीमांत में कई गांव माइग्रेट वाले है ये ऋतु प्रवासी गांव अक्टूबर माह में अपने शीतकालीन प्रवास की ओर चले जाते है ऐसे में इन ST बाहुल्य गांवों में विकास कार्य कब ओर कैसे शुरू हो सकेंगे ये सोचने वाली बात होगी,BDC बैठक भी होने वाली है ऐसे में बिना ग्राम पंचायत की खुली बैठक में प्रस्ताव पास ओर अनुमोदन कैसे होगा, इस तरह पूरा विकास खंड ज्योतिर्मठ का ग्राम प्रधान जन प्रतिनिधि आक्रोशित है, इसलिए सीमांत विकास खंड के ग्रामीणों के हित में यथा शीघ्र ग्राम पंचायत प्रधानों को शपथ ग्रहण करते हुए उन्हें चार्ज सौंपा जाय ताकि छेत्र के विकास कार्य समय पर पूरे हो सके, नहीं तो प्रधान गणों द्वारा जल्द जन आंदोलन ओर धरना प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर आने के लिए मजबूर होना पड़ेगा,,,,,

