वक़्फ़ की संपत्तियों को छुपाने वालों पर सरकार करेगी कड़ी कार्रवाई
वक़्फ़ संपत्तियों के पंजीकरण और प्रबंधन को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 6 जून 2025 से *उम्मीद वक़्फ़ पोर्टल* शुरू किया था, जिसकी आख़िरी तारीख़ 5 दिसंबर तय है। पोर्टल की अंतिम डेडलाइन नज़दीक आते ही पूरे देश से रजिस्ट्रेशन का भारी दबाव बढ़ गया है। इसी मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत में उत्तराखंड वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बड़ा बयान दिया है।शम्स ने कहा कि पोर्टल पर बढ़ते लोड और तकनीकी दिक्कतों की जानकारी उन्होंने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को भेज दी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा बढ़ाने की अनुमति नहीं दी,इसलिए अब शेष आवेदन सीधे ट्रिब्यूनल के माध्यम से पूरे किए जाएंगे।
उन्होंने साफ कहा कि पोर्टल में आई रुकावटें उन्हीं लोगों की वजह से हैं जो अब तक वक़्फ़ संपत्तियों को दर्ज कराने से बचते रहे। वर्षों तक मौका मिलने के बावजूद जिन्होंने अपनी संपत्तियां पोर्टल में दर्ज नहीं कीं वही आज सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।शादाब शम्स ने चेतावनी देते हुए कहा जो वक़्फ़ माफिया अभी भी संपत्तियों को छुपाने, लोगों को गुमराह करने या अवैध कब्जों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, उन सभी के खिलाफ सरकार जल्द सख्त कार्रवाई करने जा रही है।
बाइट – शादाब शम्स, अध्यक्ष वक़्फ़ बोर्ड, उत्तराखंड

