35 मकान मलबे में दबे, 14 लोग लापता; चमोली में बादल फटने से भीषण तबाही
उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में गुरुवार तड़के बादल फटने से चार गांवों में जल प्रलय आ गई। भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं में 14 लोग लापता हो गए और 20 अन्य बुरी तरह घायल हो गए।प्रभावित इलाकों में मलबे और बाढ़ के चलते 35 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई दुकानों और गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। लापता लोगों की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि राहत-बचाव कार्य में एक शव बरामद हो चुका है।
चमोली आपदा में 200 से अधिक लोग प्रभावित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से घटनास्थल का जायजा लेने के बाद बताया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और स्थानीय पुलिस बचाव कार्यों में जुटी हैं। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं। आपदा में अपने और घर-बार गंवा देने वालों की संख्या कम से कम 200 है।
प्रभावितों को हर संभव मदद
मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, गंभीर रूप से घायल लोगों को ऋषिकेश स्थित AIIMS भेजा जा रहा है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य जारी है।”
दलदल और भारी मलबे से रेस्क्यू में दिक्कत
स्थानीय निवासी और इंडियन रेडक्रॉस के प्रतिनिधि नंदन सिंह ने बताया कि दलदल और भारी मलबे के कारण राहत कार्यों में कठिनाई हो रही है। कुंतरी गांव और मोख घाटी में बरसाती नालों और नदी में बाढ़ के चलते कई भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून खत्म होने तक सभी जिलों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा जाएगा। यात्रियों और चार धाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं से मौसम पूर्वानुमान के अनुसार योजना बनाने की अपील की गई है।

